बिहार में मिला रेयर अर्थ का भंडार! इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में खनिज संपदा को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आ रहा है। राज्य के कई जिलों में दुर्लभ खनिज तत्वों के संकेत मिलने के बाद सरकार अब इनके व्यावसायिक खनन की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कई जिलों में मिले महत्वपूर्ण खनिज संकेत

सरकारी जानकारी के अनुसार बिहार के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के कीमती खनिज तत्वों की पहचान की गई है। इनमें पैलेडियम, टाइटेनियम, कोबाल्ट, ग्लॉकोनाइट और अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। खास तौर पर बांका जिले में कोबाल्ट के भंडार के संकेत मिले हैं, जो औद्योगिक उपयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

भागलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की संभावना

भागलपुर जिले के बटेश्वरस्थान क्षेत्र में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा यहां क्रोमाइट खनिज के संकेत भी मिले हैं। ये तत्व आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नवादा और रोहतास में खनन की तैयारी

सरकार की योजना के अनुसार नवादा जिले में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट के ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी। वहीं रोहतास जिले में ग्लॉकोनाइट के तीन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा बोलियां आमंत्रित की जा रही हैं।

20 मई के बाद नीलामी की प्रक्रिया तेज

रिपोर्ट के अनुसार 20 मई के बाद इन खनन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इससे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निवेश का अवसर मिलेगा और राज्य में खनन गतिविधियां तेज होंगी। सरकार का मानना है कि इन खनिजों के व्यावसायिक उपयोग से बिहार में बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित हो सकते हैं।

जमुई और अन्य क्षेत्रों में भी सर्वे जारी

दक्षिण बिहार और झारखंड से सटे इलाकों में व्यापक सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसमें सैटेलाइट और हवाई सर्वे के साथ जमीन पर जांच भी शामिल है। जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में सोने के भंडार के संकेत मिले हैं, जबकि बांका के पिंडारक क्षेत्र में तांबे के भंडार की संभावना जताई गई है।

0 comments:

Post a Comment