एडीओ पंचायत संभालेंगे जिम्मेदारी
पंचायत राज विभाग के अनुसार यदि समय पर चुनाव नहीं होते हैं, तो गांवों में प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत एडीओ पंचायत गांवों की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे। जिले की 690 ग्राम पंचायतों को 267 क्लस्टर में बांटा गया है, जहां 15 एडीओ पंचायत और 157 ग्राम पंचायत अधिकारी तथा ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती की गई है।
प्रधानों में बढ़ी नाराजगी
ग्राम प्रधान इस फैसले से नाराज दिखाई दे रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि यदि चुनाव में देरी होती है तो उन्हें ही प्रशासक बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि गांव की जरूरतों और योजनाओं की जानकारी निर्वाचित प्रधानों को अधिक होती है, जबकि सरकारी अधिकारियों पर पहले से ही कई जिम्मेदारियां होती हैं।
विकास कार्यों पर असर
प्रधानों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों को गांवों की जिम्मेदारी दी गई तो विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। एक-एक सचिव के पास कई ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी, जिससे योजनाओं को जमीन पर लागू करने में दिक्कत आ सकती है।
पंचायत विभाग का क्या कहना है?
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है और फिलहाल कार्यकाल बढ़ाने को लेकर कोई आदेश नहीं मिला है। विभाग का कहना है कि यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए गांवों के सभी जरूरी काम जारी रखे जाएंगे।

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