क्या मिला है अमेरिका को?
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के कैरोलिना क्षेत्र के 'टिन-स्पोड्यूमीन बेल्ट' में लगभग 2.3 मिलियन मीट्रिक टन लिथियम ऑक्साइड मौजूद है। यह मात्रा इतनी बड़ी मानी जा रही है कि इससे आने वाले कई दशकों तक अमेरिका की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
क्यों खास है यह खोज?
लिथियम आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण धातुओं में गिना जा रहा है। इसे “व्हाइट गोल्ड” यानी सफेद सोना भी कहा जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और ऊर्जा भंडारण बैटरियों में बड़े पैमाने पर होता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के मुताबिक 2040 तक दुनिया में लिथियम की मांग लगभग 40 गुना तक बढ़ सकती है। ऐसे में अमेरिका के लिए यह खोज भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली मानी जा रही है।
चीन पर निर्भरता होगी कम
अब तक अमेरिका अपनी लिथियम जरूरतों के लिए काफी हद तक चीन, चिली और दूसरे देशों पर निर्भर रहा है। खासतौर पर बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के लिए अमेरिका को विदेशी सप्लाई चेन पर भरोसा करना पड़ता था। लेकिन इस नई खोज के बाद अमेरिका घरेलू स्तर पर लिथियम उत्पादन बढ़ाकर विदेशी निर्भरता कम कर सकता है। इससे अमेरिका को वैश्विक बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है।

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