CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, अफसरों की अब खैर नहीं!

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को तेज और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया है कि अब सरकारी कार्यालयों में फाइल दबाकर बैठने या शिकायतों को लंबित रखने की आदत नहीं चलेगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने एक महीने तक शिकायत का समाधान नहीं किया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'सहयोग पोर्टल' और हेल्पलाइन नंबर 1100 की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा। लापरवाही बरतने वालों को पहले निलंबित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

शिकायतों पर होगी रियल टाइम निगरानी

सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब शिकायतों की मॉनिटरिंग रियल टाइम में की जाएगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी पूरे सिस्टम पर नजर रखेंगे ताकि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग पोर्टल का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

हर पंचायत में लगेगा सहयोग शिविर

सरकार ने यह भी तय किया है कि राज्य की सभी पंचायतों में नियमित रूप से सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को इन शिविरों का आयोजन होगा, जहां लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और मौके पर ही समस्याओं के समाधान की कोशिश की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

जनता को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार के इस फैसले को आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अक्सर सरकारी दफ्तरों में आवेदन और फाइलें महीनों तक लंबित रहती थीं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। अब तय समय सीमा लागू होने से कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

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