यूपी के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! बदल जाएंगे सैलरी, ओवरटाइम और PF के नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और मजदूरों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं को अब यूपी में भी लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार इन नए नियमों का ड्राफ्ट लगभग तैयार कर चुकी है और जल्द ही इन्हें लागू किया जा सकता है। 

29 पुराने कानूनों की जगह आएंगी 4 नई श्रम संहिताएं

अब तक देश में श्रमिकों और कंपनियों से जुड़े 29 अलग-अलग श्रम कानून लागू थे, जिन्हें समझना और पालन करना काफी जटिल माना जाता था। इन्हें आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने चार नई श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनमें वेतन संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और ओएसएच संहिता 2020 शामिल हैं। 

सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम पर ओवरटाइम

नई व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम लिया जाता है तो उसे ओवरटाइम देना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि ओवरटाइम की रकम सामान्य वेतन से दोगुनी दर पर दी जाएगी। इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त काम का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव

नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी का ढांचा भी बदलेगा। नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी के कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बेसिक सैलरी और भत्तों को मिलाकर तय किया जाएगा। इससे पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि हाथ में मिलने वाली सैलरी कुछ मामलों में कम भी हो सकती है।

अब एक साल बाद भी ग्रेच्युटी

पहले किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी का लाभ पाने के लिए कम से कम पांच साल तक नौकरी करना जरूरी होता था। लेकिन नए नियमों के तहत अब एक साल नौकरी करने के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा। इससे निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

गिग-प्लेटफॉर्म वर्कर्स को लाभ

नई श्रम संहिताओं में पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। यानी ऑनलाइन डिलीवरी, ऐप आधारित सेवाओं और फ्रीलांस प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ मिल सकेंगे।

पीएफ और ईएसआई के नियम

नई व्यवस्था के अनुसार जिन संस्थानों में 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं वहां पीएफ देना अनिवार्य होगा। वहीं 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में ईएसआई सुविधा देना जरूरी होगा। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षा से जुड़े लाभ मिलेंगे।

महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा

नई संहिताओं में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। महिला श्रमिकों से रात की ड्यूटी उनकी सहमति के बिना नहीं कराई जा सकेगी। अगर उन्हें नाइट शिफ्ट में काम कराया जाता है तो संस्थान को सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करनी होगी।

हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र

अब कंपनियों और संस्थानों के लिए प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा। साथ ही कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखना पड़ेगा और वेतन का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से करना होगा।

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