रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रही इस जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है। लाखों लोग विस्थापित हुए, हजारों जानें गईं और कई शहर तबाह हो गए। ऐसे में पुतिन का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब तक रूस की ओर से युद्ध को लेकर सख्त रुख देखने को मिलता रहा था।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों का अस्थायी युद्ध विराम लागू किया गया है। यह सीजफायर 9 मई से 11 मई तक प्रभावी रहेगा। माना जा रहा है कि यह कदम दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत और तनाव कम करने की दिशा में शुरुआती प्रयास हो सकता है।
जानकारों का मानना है कि यदि यह युद्ध विराम सफल रहता है, तो आगे स्थायी शांति वार्ता का रास्ता खुल सकता है। हालांकि अभी भी कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। यूक्रेन अपनी संप्रभुता और कब्जे वाले क्षेत्रों की वापसी की मांग पर कायम है, जबकि रूस सुरक्षा और रणनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
दुनिया भर की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं। यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो यह न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर हो सकती है। फिलहाल पुतिन के बयान और अस्थायी युद्ध विराम ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष में अब नया मोड़ आ सकता है।
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