परिषद ने मुख्यमंत्री से की मांग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर जल्द आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लंबे समय से उन राज्यों में शामिल रहा है, जहां कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर महंगाई भत्ता दिया जाता रहा है। परिषद का कहना है कि केंद्र सरकार पहले ही जनवरी से बढ़ी हुई दरों पर डीए और डीआर लागू कर चुकी है। ऐसे में अब राज्य कर्मचारियों को भी उसी आधार पर लाभ मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है DA
केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अब 60 प्रतिशत की दर से डीए और डीआर का लाभ मिलने लगा है। अब उत्तर प्रदेश के कर्मचारी संगठन भी राज्य सरकार से इसी तर्ज पर फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच डीए बढ़ोतरी से घरेलू खर्च संभालने में राहत मिलेगी।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा फायदा
यदि यूपी सरकार 2 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो इसका लाभ राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों की मासिक सैलरी में बढ़ोतरी होगी, वहीं पेंशनर्स की पेंशन में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
कर्मचारियों के लिए महंगाई के बीच राहत की उम्मीद
पिछले कुछ समय में रोजमर्रा की जरूरतों, बिजली, परिवहन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में कर्मचारी संगठन लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार जल्द फैसला लेती है, तो इससे कर्मचारियों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और आर्थिक राहत भी मिलेगी।

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