क्या है 3 फैमिली यूनिट फॉर्मूला?
अब तक वेतन आयोगों में यह माना जाता रहा है कि एक सरकारी कर्मचारी के परिवार में कुल तीन सदस्यीय यूनिट होती है। इसमें कर्मचारी, पति या पत्नी और बच्चे को शामिल किया जाता है। इसी आधार पर न्यूनतम खर्च का अनुमान लगाकर बेसिक वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में इसी फॉर्मूले के तहत न्यूनतम बेसिक पे 18 हजार रुपये निर्धारित की गई थी।
क्यों उठ रही है 5 यूनिट की मांग?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के समय में परिवार की जिम्मेदारियां पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी हैं। यूनियनों का तर्क है कि अब एक कर्मचारी को सिर्फ पत्नी और बच्चों का ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग माता-पिता का खर्च भी उठाना पड़ता है। इसके अलावा महंगी शिक्षा, इलाज, किराया और रोजमर्रा की बढ़ती लागत ने पुराने फॉर्मूले को अप्रासंगिक बना दिया है। इसी वजह से परिवार की परिभाषा को बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग की जा रही है। इसमें कर्मचारी, पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
कितना बढ़ सकता है वेतन?
कर्मचारी संगठनों ने अनुमान लगाया है कि यदि 5 फैमिली यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव संभव है। यूनियनों के मुताबिक यदि प्रति यूनिट खर्च के आधार पर गणना की जाए, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 30 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते जोड़ने के बाद कुल वेतन 55 हजार से 60 हजार रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग और अनुमान है। अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर भी असर संभव
अगर नया फॉर्मूला स्वीकार किया जाता है, तो इसका असर सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा। फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता, HRA और पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिल सकता है।
वेतन आयोग को लेकर जल्द होने वाली है अहम बैठक
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच बैठकों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रक्षा मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय से जुड़ी यूनियनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इन बैठकों में वेतन संरचना, भत्तों और नए फैमिली यूनिट फॉर्मूले पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।

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