इसी दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए एक नया आदेश जारी कर दिया है। यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बिना अनुमति जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कई बड़ी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाएं आयोजित होनी हैं, जिनमें शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है।
क्यों जारी हुआ यह आदेश?
शिक्षा विभाग के अनुसार मई से जुलाई तक प्रदेश में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता पड़ेगी। यही कारण है कि सभी शिक्षकों को जिले में ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी शिक्षक को किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना हो, तो पहले विभाग को लिखित सूचना देनी होगी और अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना अनुमति जिला छोड़ने वालों पर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षकों की ड्यूटी
शिक्षा विभाग की ओर से जिन परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है, उनमें लेखपाल भर्ती परीक्षा, आईएएस प्रवेश परीक्षा, बीएड प्रवेश परीक्षा, सिविल पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, लेक्चरर भर्ती परीक्षा और यूपीटीईटी परीक्षा शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक 21 मई को लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। इसके बाद 24 मई को आईएएस प्रवेश परीक्षा दो शिफ्ट में कराई जाएगी। 31 मई को बीएड प्रवेश परीक्षा होगी, जबकि जून में पुलिस कांस्टेबल भर्ती और लेक्चरर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं जुलाई में यूपीटीईटी परीक्षा भी कई शिफ्टों में कराई जाएगी।
शिक्षकों की बढ़ी चिंता
गर्मी की छुट्टियों में अधिकांश शिक्षक अपने परिवार के साथ बाहर जाने या गांव जाने की योजना बनाते हैं। लेकिन नए आदेश के बाद अब कई शिक्षकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। छुट्टियों के दौरान भी उन्हें ड्यूटी के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि विभाग का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार परीक्षाओं में पारदर्शिता और समय पर संचालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है।

0 comments:
Post a Comment