सरकार की ओर से यह संशोधन वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) में बदलाव के कारण किया गया है। महंगाई बढ़ने के साथ श्रमिकों की आय को संतुलित रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
महंगाई बढ़ने से बढ़ा भत्ता
नई मजदूरी दरों के पीछे सबसे बड़ा कारण महंगाई को माना जा रहा है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 तक CPI का स्तर बढ़ने के बाद श्रमिकों के महंगाई भत्ते यानी VDA में संशोधन किया गया, जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों की जेब पर पड़ेगा।
रेलवे, गोदाम और सफाई कर्मचारियों की नई मजदूरी
Category A (दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहर)
बेसिक मजदूरी: ₹523 प्रतिदिन
VDA: ₹304
कुल मजदूरी: ₹827 प्रतिदिन
Category B (राजधानी और बड़े औद्योगिक शहर)
बेसिक मजदूरी: ₹437 प्रतिदिन
VDA: ₹256
कुल मजदूरी: ₹693 प्रतिदिन
Category C (छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र)
बेसिक मजदूरी: ₹350 प्रतिदिन
VDA: ₹206
कुल मजदूरी: ₹556 प्रतिदिन
सिक्योरिटी गार्ड्स की सैलरी में बड़ा इजाफा
बिना हथियार वाले सिक्योरिटी गार्ड
Category A: ₹1,008 प्रतिदिन
Category B: ₹918 प्रतिदिन
Category C: ₹781 प्रतिदिन
हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड (Armed)
Category A: ₹1,094 प्रतिदिन
Category B: ₹1,008 प्रतिदिन
Category C: ₹918 प्रतिदिन
शहरों के हिसाब से तय होती है मजदूरी
श्रम मंत्रालय ने शहरों को तीन श्रेणियों में बांटा है।
Category A: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे महानगर
Category B: लखनऊ, अहमदाबाद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर
Category C: छोटे शहर और ग्रामीण इलाके
इन्हीं श्रेणियों के आधार पर मजदूरी तय की जाती है।
श्रमिकों को मिलेगी आर्थिक राहत
दरअसल, नई मजदूरी दरें बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों को राहत देने का काम करेंगी। इससे निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। साथ ही, मजदूरी बढ़ने से बाजार में खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

0 comments:
Post a Comment