केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी, इन कर्मियों की बढ़ी सैलरी, 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली। देशभर के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई न्यूनतम मजदूरी दरों का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद रेलवे, निर्माण, सफाई, लोडिंग-अनलोडिंग और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी।

सरकार की ओर से यह संशोधन वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) में बदलाव के कारण किया गया है। महंगाई बढ़ने के साथ श्रमिकों की आय को संतुलित रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

महंगाई बढ़ने से बढ़ा भत्ता

नई मजदूरी दरों के पीछे सबसे बड़ा कारण महंगाई को माना जा रहा है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 तक CPI का स्तर बढ़ने के बाद श्रमिकों के महंगाई भत्ते यानी VDA में संशोधन किया गया, जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों की जेब पर पड़ेगा।

रेलवे, गोदाम और सफाई कर्मचारियों की नई मजदूरी

Category A (दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहर)

बेसिक मजदूरी: ₹523 प्रतिदिन

VDA: ₹304

कुल मजदूरी: ₹827 प्रतिदिन

Category B (राजधानी और बड़े औद्योगिक शहर)

बेसिक मजदूरी: ₹437 प्रतिदिन

VDA: ₹256

कुल मजदूरी: ₹693 प्रतिदिन

Category C (छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र)

बेसिक मजदूरी: ₹350 प्रतिदिन

VDA: ₹206

कुल मजदूरी: ₹556 प्रतिदिन

सिक्योरिटी गार्ड्स की सैलरी में बड़ा इजाफा

बिना हथियार वाले सिक्योरिटी गार्ड

Category A: ₹1,008 प्रतिदिन

Category B: ₹918 प्रतिदिन

Category C: ₹781 प्रतिदिन

हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड (Armed)

Category A: ₹1,094 प्रतिदिन

Category B: ₹1,008 प्रतिदिन

Category C: ₹918 प्रतिदिन

शहरों के हिसाब से तय होती है मजदूरी

श्रम मंत्रालय ने शहरों को तीन श्रेणियों में बांटा है। 

Category A: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे महानगर

Category B: लखनऊ, अहमदाबाद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर

Category C: छोटे शहर और ग्रामीण इलाके

इन्हीं श्रेणियों के आधार पर मजदूरी तय की जाती है।

श्रमिकों को मिलेगी आर्थिक राहत

दरअसल, नई मजदूरी दरें बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों को राहत देने का काम करेंगी। इससे निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। साथ ही, मजदूरी बढ़ने से बाजार में खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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