बिहार में शिक्षकों पर सख्ती की तैयारी, कार्रवाई के निर्देश

न्यूज डेस्क। बिहार के मधुबनी जिले में शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर हाजिरी नहीं बनाने वाले शिक्षकों की संख्या सामने आने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

3000 से ज्यादा शिक्षकों ने नहीं बनाई ऑनलाइन उपस्थिति

जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में 3061 से अधिक शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में असफल रहे। विभाग का कहना है कि सभी शिक्षकों को समय पर ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूलों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सिर्फ एक दिन की नहीं है, बल्कि लगातार कई दिनों से इसी तरह की लापरवाही सामने आ रही है।

फर्जी हाजिरी को लेकर भी बढ़ी चिंता

शिक्षा विभाग को कुछ विद्यालयों से फर्जी उपस्थिति की शिकायतें भी मिली हैं। आरोप है कि कुछ शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही घर से फोटो अपलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में गलत थंब इम्प्रेशन के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इन शिकायतों के बाद विभाग अब ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की निगरानी और सख्त करने की तैयारी में है।

कई प्रखंडों की स्थिति बेहद खराब

प्रखंडवार रिपोर्ट में सदर अनुमंडल के कई इलाकों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई गई है। रहिका प्रखंड में सबसे अधिक करीब 250 शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी से गायब पाए गए। इसके अलावा पंडौल, फुलपरास, बाबूबरही, आंधराठाढ़ी, बेनीपट्टी और घोघरडीहा जैसे प्रखंडों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। जयनगर, झंझारपुर, लदनियां और लखनौर जैसे क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं।

विभाग ने मांगा जवाब

शिक्षकों की सूची सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर मामला माना है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाए। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

हो सकती है कार्रवाई

रिपोर्ट की मानें तो विभाग अब सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता। लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। ऐसे में नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती जरूरी है।

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