रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
31 किलोमीटर से अधिक लंबी बनेगी नई लाइन
औड़िहार और वाराणसी सिटी के बीच करीब 31.36 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 497 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक विस्तार, सिग्नल प्रणाली और अन्य तकनीकी कार्यों को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई रेल लाइन का फायदा गाजीपुर, मऊ, बलिया, गोरखपुर, भटनी और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। इसके अलावा कोलकाता रूट पर ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुगम होने की संभावना है। रेलवे का मानना है कि नई लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी और यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनों का दबाव
औड़िहार-वाराणसी रेलखंड पर वर्तमान में प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। इसमें मालगाड़ियां, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। अत्यधिक दबाव के कारण इस रूट पर ट्रेनों के विलंब की समस्या लगातार बनी रहती है। तीसरी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन को लेकर चिंता
रेलवे लाइन के आसपास बसे गोपालपुर, बुढीपुर, रामपुर, इशोपुर और सिधौना गांव के लोगों में जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन ने इस मामले में जिलाधिकारी गाजीपुर को मध्यस्थ की जिम्मेदारी सौंपी है। स्थानीय लोगों की समस्याओं और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

0 comments:
Post a Comment