वार्ड सदस्य निभाएंगे अहम जिम्मेदारी
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार जिस वार्ड में सरकारी जमीन पर श्मशान घाट, मोक्षधाम या कब्रिस्तान मौजूद है, वहां के वार्ड सदस्य को उसका प्रभारी बनाया जाएगा। यदि किसी वार्ड में वार्ड सदस्य का पद खाली है, तो यह जिम्मेदारी संबंधित पंच को दी जाएगी। वहीं पंच का पद भी रिक्त होने की स्थिति में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के सचिव को यह दायित्व संभालना होगा।
मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया भी होगी तेज
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। अब अंतिम संस्कार के बाद संबंधित प्रभारी उसी दिन जरूरी जानकारी और दस्तावेज पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार तक पहुंचाएंगे। सरकार चाहती है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा सके। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जरूरी रिकॉर्ड रखना होगा अनिवार्य
सरकार ने मोक्षधाम और कब्रिस्तान प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। अब उन्हें अंतिम संस्कार से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे। इनमें वाहन विवरण, मृत्यु पंजी, संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी। सभी सूचनाओं को तय प्रारूप में दर्ज कर पंचायत कार्यालय तक पहुंचाना भी जरूरी होगा।
साफ-सफाई पर भी रहेगा पूरा ध्यान
नई व्यवस्था के तहत मोक्षधाम और कब्रिस्तान की स्वच्छता की निगरानी की जिम्मेदारी भी प्रभारियों को दी गई है। सरकार ने निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों की मदद ली जाएगी ताकि परिसर साफ और व्यवस्थित बना रहे।
डोम राजा को भी मिलेगी जिम्मेदारी
जिन स्थानों पर पहले से डोम राजा श्मशान घाट की देखरेख कर रहे हैं, वहां उन्हें भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पहले से जुड़े लोगों के अनुभव का लाभ लेना है।
सरकार देगी मानदेय
राज्य सरकार ने इस जिम्मेदारी को निभाने वाले प्रभारियों के लिए आर्थिक प्रावधान भी किया है। प्रत्येक प्रभारी को हर साल 2000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा हर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने पर 100 रुपये अलग से भुगतान किया जाएगा।

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