यूपी में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत, फिर शुरू हुई पोस्टपेड व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ रही परेशानियों के बीच बिजली विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेशभर में लगाए गए लाखों स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अब दोबारा पोस्टपेड मोड में बदला जा रहा है। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान में पहले जैसी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से शुरू की गई इस प्रक्रिया के तहत मई महीने में हुई बिजली खपत का बिल उपभोक्ताओं को पहले की तरह 10 जून तक भेजा जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने और बैलेंस खत्म होने की चिंता से राहत मिलेगी।

84 लाख से अधिक मीटर होंगे पोस्टपेड

प्रदेश में अब तक 86 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें लगभग 84 लाख मीटर प्रीपेड मोड में संचालित हो रहे थे। अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से पोस्टपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। इस फैसले के बाद उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और बाद में बिल आने पर भुगतान कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पूर्वांचल में सबसे अधिक स्मार्ट मीटर

प्रदेश के विभिन्न बिजली वितरण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। सबसे अधिक स्मार्ट मीटर पूर्वांचल डिस्कॉम क्षेत्र में लगाए गए हैं, जहां लगभग 29 लाख मीटरों में से 28 लाख से अधिक प्रीपेड मोड में चल रहे हैं। इसके अलावा मध्यांचल डिस्कॉम क्षेत्र में करीब 18.60 लाख, पश्चिमांचल में 15.47 लाख, दक्षिणांचल में 20.39 लाख और कानपुर केस्को क्षेत्र में लगभग 1.40 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं।

उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल मिलेगा और भुगतान के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाएगा। इससे अचानक बिजली कटने की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही उपभोक्ता अब अपने मासिक खर्च की बेहतर योजना बना सकेंगे। कई लोगों ने प्रीपेड व्यवस्था में तकनीकी दिक्कतों और बार-बार रिचार्ज की परेशानी की शिकायत की थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

डिजिटल व्यवस्था बनी रहेगी जारी

हालांकि मीटर पोस्टपेड मोड में बदल दिए जाएंगे, लेकिन स्मार्ट तकनीक और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश और ऑनलाइन माध्यम से बिल संबंधी जानकारी मिलती रहेगी। बिजली विभाग का मानना है कि इस बदलाव से उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ेगी और बिल भुगतान प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और व्यवस्थित होगी।

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