नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब योजना के तहत लोन लेने वाले युवाओं को पहले ऑनलाइन प्रशिक्षण लेना होगा। इसके बाद ही बैंक लोन की राशि जारी करेगा। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को कारोबार की सही जानकारी मिलेगी और आवेदन निरस्त होने की समस्या भी कम होगी।
1. अब ट्रेनिंग के बाद ही मिलेगा लोन
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी आवेदक को सीधे लोन नहीं मिलेगा। पहले उसे 30 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही बैंक को प्रमाणपत्र भेजा जाएगा और इसके बाद लोन राशि खाते में ट्रांसफर होगी। सरकार का मानना है कि इससे युवा अपने कारोबार को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और भविष्य में आर्थिक नुकसान की संभावना कम होगी।
2. बिना गारंटी मिलेगा 5 लाख तक लोन
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत युवाओं को बिना बैंक गारंटी के 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जा रहा है। इससे छोटे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नौकरी की बजाय स्वरोजगार की ओर बढ़ें।
3. फेस रिकग्निशन सिस्टम से होगी निगरानी
प्रशिक्षण और आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेस रिकग्निशन प्रणाली लागू की गई है। इससे किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी। ऑनलाइन ट्रेनिंग के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वही व्यक्ति प्रशिक्षण ले रहा है जिसने आवेदन किया है।
4. युवाओं को विशेषज्ञ देंगे कारोबार की ट्रेनिंग
युवाओं को उनके चुने गए कारोबार के अनुसार विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए समाधान समिति, यूपीआईकान और उद्यमिता विकास संस्थान जैसे संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कारोबार की योजना, बैंक प्रक्रिया, बाजार की जानकारी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। अंतिम दिन लाइव सत्र में विशेषज्ञ सवालों के जवाब भी देंगे।
5. आवेदन से पहले जरूरी होगा वीडियो देखना
अब पोर्टल पर पंजीकरण से पहले 30 मिनट का काउंसलिंग वीडियो देखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस वीडियो में युवाओं को उनके चुने हुए सेक्टर, बिजनेस मॉडल और बैंक लोन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आवेदन में होने वाली तकनीकी गलतियां कम होंगी और बैंक द्वारा आवेदन निरस्त किए जाने की संख्या घटेगी।
इस योजना के लिए अबतक लाखों युवाओं ने किया आवेदन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल तक योजना के तहत लाखों आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें बड़ी संख्या में आवेदन बैंक स्तर पर तकनीकी कारणों से अटक गए थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशिक्षण आधारित यह नई प्रणाली युवाओं को बेहतर तरीके से स्वरोजगार से जोड़ेगी और उन्हें कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी।

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