1. न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद
वर्तमान में न्यूनतम पेंशन लगभग ₹9,000 प्रति माह है। नए वेतन आयोग के तहत इसे बढ़ाकर करीब ₹20,500 से ₹25,000+ तक किए जाने की चर्चा है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो पेंशनर्स की मासिक आय में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
2. फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 2.86 से 3.0 तक करने की मांग रखी है। यदि यह लागू होता है, तो पेंशन राशि में लगभग 20% से 30% तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
3. पेंशन गणना में सुधार की मांग
वर्तमान नियमों के अनुसार पेंशन आखिरी वेतन का 50 प्रतिशत तय होती है। प्रस्तावों में इसे बढ़ाकर 67 प्रतिशत करने की बात रखी गई है। इससे लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों की पेंशन राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
4. उम्र आधारित अतिरिक्त पेंशन में बदलाव
अभी 80 वर्ष की उम्र के बाद अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिलता है। नए प्रस्तावों में इसे 65 वर्ष से शुरू करने की बात कही जा रही है। इसके तहत उम्र बढ़ने के साथ पेंशन 70% से बढ़कर 90-100% तक पहुंचने का सुझाव दिया गया है। साथ ही हर 5 साल में स्वतः वृद्धि का भी प्रस्ताव शामिल है।
5. ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन नियमों में सुधार
पेंशनर्स संगठनों ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख से ₹75 लाख तक करने की मांग की है। साथ ही पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 10-12 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को लंबे समय तक वित्तीय राहत मिल सके।

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