योगी सरकार की तैयारी: यूपी के रसोइयों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील (MDM) बनाने वाले रसोइयों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। सरकार अब इन रसोइयों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसमें उनकी सेवा शर्तों को तय करने के साथ ही रिटायरमेंट की उम्र निर्धारित करने पर भी विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद रसोइयों को अन्य संविदाकर्मियों की तरह कई सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।

62 साल हो सकती है रिटायरमेंट की उम्र

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में रसोइयों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 वर्ष रखने का सुझाव दिया जा रहा है। अभी तक रसोइयों के लिए रिटायरमेंट की कोई तय उम्र नहीं है। कई जगहों पर उम्रदराज रसोइये भी काम कर रहे हैं, जबकि ग्राम समितियों के पास उन्हें हटाने का अधिकार रहता है। नई सेवा नियमावली बनने के बाद इस व्यवस्था में बदलाव आने की उम्मीद है।

बच्चों और रसोइयों से जुड़ी योजना

उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील योजना के तहत बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में लाखों बच्चों को भोजन देने की जिम्मेदारी हजारों रसोइये संभाल रहे हैं। इन रसोइयों की भूमिका बच्चों के पोषण और स्कूल व्यवस्था में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सेवा नियम बनने से क्या बदलेगा?

अगर नई सेवा नियमावली लागू होती है तो रसोइयों के लिए कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। इसमें:

रिटायरमेंट की उम्र तय होगी

छुट्टियों का प्रावधान मिल सकता है

नियुक्ति प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी

सेवा से जुड़े नियम तय होंगे

ग्राम समितियों की मनमानी पर रोक लग सकती है

अभी रसोइयों को कई सुविधाएं नहीं मिलती हैं, जिनमें अवकाश और अन्य सेवा लाभ शामिल हैं।

मानदेय और छुट्टियों पर भी हो सकता है फैसला

फिलहाल रसोइयों को हर महीने मानदेय दिया जाता है और उनकी सेवा अवधि व अन्य शर्तों को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। अन्य संविदाकर्मियों की तरह उन्हें 11 महीने के मानदेय देने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव जैसी सुविधाओं को लेकर भी नियम बनाए जाने की संभावना है।

बैठकों के बाद तेज हुई प्रक्रिया

रसोइयों की मांगों और प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के स्तर पर कई बैठकें हुईं। इसके बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। अब प्रस्ताव तैयार होने के बाद सरकार के स्तर पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

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