ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर सरकार की नई पहल
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए योग्य कंसल्टेंसी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
लगभग 350 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 350 किलोमीटर रहने का अनुमान है। यह पूरी तरह नया ग्रीनफील्ड मार्ग होगा, यानी इसे मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के बजाय नए रूट पर विकसित किया जाएगा। इससे भविष्य में यातायात का दबाव कम करने और तेज गति से आवागमन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
छह महीने में डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य
परियोजना के तहत चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित होने के बाद छह महीने के भीतर डीपीआर तैयार करनी होगी, जबकि पूरे परामर्श कार्य को 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन जिलों को मिल सकता है बड़ा फायदा
प्रारंभिक स्तर पर जिन संभावित मार्गों पर विचार किया जा रहा है, उनमें बक्सर, डुमरांव, पीरो, अरवल, जहानाबाद, नवादा और भागलपुर शामिल हैं। यदि यही रूट अंतिम रूप लेता है, तो इन जिलों के लोगों को तेज और बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा। इस एक्सप्रेस-वे से कृषि, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है। साथ ही माल परिवहन का समय कम होने से लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आ सकती है।

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