मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुल के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही इस पुल पर वाहनों का संचालन शुरू होगा, उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी तथा यात्रियों को बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच मजबूत होगी कनेक्टिविटी
यह पुल पटना के कच्ची दरगाह क्षेत्र को वैशाली जिले के बिदुपुर और कल्याणपुर चकसिकंदर क्षेत्र से सीधे जोड़ता है। पुल चालू होने के बाद राजधानी पटना से उत्तर बिहार के प्रमुख जिलों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम होने की उम्मीद है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
लगभग 20 किलोमीटर लंबी है परियोजना
यह परियोजना कुल करीब 19.76 किलोमीटर लंबी है। इसमें लगभग 9.76 किलोमीटर का मुख्य पुल और करीब 10 किलोमीटर का एप्रोच रोड शामिल है। लगभग 32 मीटर चौड़ा यह 6-लेन पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में बढ़ते यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
कई जिलों की यात्रा होगी आसान
पुल शुरू होने के बाद पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी और पूर्वी चंपारण सहित उत्तर बिहार के कई जिलों तक पहुंचना पहले से अधिक सुविधाजनक होगा। खासकर राजधानी और उत्तर बिहार के बीच लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

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