नई क्षेत्र पंचायत बनने तक संभालेंगे जिम्मेदारी
सरकार के आदेश के अनुसार वर्तमान ब्लॉक प्रमुख नई क्षेत्र पंचायतों के गठन और उनकी पहली बैठक होने तक प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। यदि किसी कारण पहली बैठक में विलंब होता है, तब भी यह व्यवस्था अधिकतम छह माह तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में क्षेत्र पंचायत के नियमित कार्य पूर्ववत चलते रहेंगे।
जिलाधिकारी करेंगे प्रशासक की नियुक्ति
प्रदेश सरकार ने ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नामित करने का अधिकार संबंधित जिलाधिकारियों को दिया है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी औपचारिक आदेश जारी करेंगे, जिसके बाद संबंधित ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
नियमित विकास कार्यों पर नहीं पड़ेगा असर
प्रशासक के रूप में ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायत के दैनिक और नियमित प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे। इससे विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और अन्य आवश्यक गतिविधियों में रुकावट नहीं आएगी। हालांकि किसी भी बड़े या नीतिगत निर्णय के लिए उन्हें जिलाधिकारी की स्वीकृति लेनी होगी। इस व्यवस्था से प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ विकास कार्यों की निरंतरता भी सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकार और जिम्मेदारियां रहेंगी बरकरार
सरकारी आदेश के अनुसार प्रशासक के रूप में नियुक्त क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के पास क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष तथा विभिन्न समितियों से संबंधित आवश्यक शक्तियां और दायित्व रहेंगे। वे सामान्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे, जबकि विशेष या नीतिगत मामलों में प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेंगे।

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