HRA बढ़ने की उम्मीद?
सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला HRA सीधे उनके मूल वेतन से जुड़ा होता है। इसलिए जब भी बेसिक सैलरी में संशोधन होता है, HRA की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ जाती है। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों को हर महीने मिलने वाले मकान किराया भत्ते में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खासकर महानगरों में कार्यरत कर्मचारियों को इसका अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
वर्तमान में कैसे तय होता है HRA?
अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को शहरों की श्रेणी के अनुसार HRA दिया जाता है। बड़े महानगरों में कार्यरत कर्मचारियों को सबसे अधिक, मध्यम श्रेणी के शहरों में उससे कम और छोटे शहरों में सबसे कम HRA मिलता है। पिछले संशोधन के बाद इन दरों में पहले ही वृद्धि की जा चुकी है और कर्मचारी संगठन भविष्य में इन्हें और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
अलग-अलग वेतन स्तर पर कितना बढ़ सकता है लाभ?
यदि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर अपेक्षा के अनुरूप बढ़ता है, तो विभिन्न पे-लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही HRA भी हजारों रुपये तक बढ़ सकता है। उदाहरण के तौर पर, लेवल-4, लेवल-5 और लेवल-6 के कर्मचारियों को वर्तमान की तुलना में कहीं अधिक HRA मिलने की संभावना जताई जा रही है। महानगरों में तैनात कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ मिल सकता है, जबकि अन्य शहरों में भी मासिक HRA में अच्छी बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
इस वृद्धि को लेकर अभी करना होगा अंतिम फैसले का इंतजार
फिलहाल HRA में संभावित बढ़ोतरी को लेकर जो भी आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे अनुमानित फिटमेंट फैक्टर और मौजूदा वेतन संरचना के आधार पर लगाए जा रहे हैं। अभी 8वें वेतन आयोग ने अपनी अंतिम सिफारिशें सार्वजनिक नहीं की हैं और न ही केंद्र सरकार ने नई वेतन संरचना को मंजूरी दी है।
इसलिए HRA में कितनी बढ़ोतरी होगी, कौन-सा फिटमेंट फैक्टर लागू होगा और नई सैलरी कब से मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब आयोग की अंतिम रिपोर्ट और सरकार के निर्णय के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल इतना तय है कि यदि बेसिक वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, तो HRA में भी अच्छा इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

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