गांवों तक पहुंच रही सार्वजनिक परिवहन सुविधा
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन गांवों और ग्रामीण मार्गों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाना है, जहां पहले बस सेवाएं बहुत सीमित थीं या उपलब्ध नहीं थीं। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील, जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल और बाजार तक सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान होने की उम्मीद है।
56 जिलों में शुरू हुआ मिनी बस संचालन
परिवहन विभाग के अनुसार, योजना के तहत बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से पात्र आवेदनों को स्वीकृति देकर ग्रामीण रूटों पर मिनी बसों का संचालन शुरू किया गया है। वर्तमान में 56 जिलों में सैकड़ों ग्रामीण मार्गों पर मिनी बसें चल रही हैं। प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, झांसी, मथुरा, जौनपुर, बांदा, एटा, मऊ, जालौन और बलिया सहित कई जिलों में इस योजना का विस्तार लगातार किया जा रहा है।
स्थानीय युवाओं को मिल रहे रोजगार
यह योजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही है। मिनी बसों के संचालन में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। चालक, परिचालक और अन्य संबंधित कार्यों में क्षेत्रीय लोगों को अवसर मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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