कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था लागू
ब्लॉक प्रमुखों का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के साथ ही सरकार ने अंतरिम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि नए चुनाव होने तक क्षेत्र पंचायतों का कामकाज नियमित रूप से चलता रहे।
अवकाश के दिन भी विभाग में तैयारी
सरकार ने इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था की। आदेश जारी करने से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए पंचायती राज विभाग के संबंधित अनुभागों में अवकाश के दिन भी काम किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यकाल समाप्त होने और नई व्यवस्था लागू होने के बीच प्रशासनिक खालीपन की स्थिति न बने।
पहले ही ग्राम प्रधान और जिला पंचायत अध्यक्ष बन चुके हैं प्रशासक
इससे पहले ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों के स्तर पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा चुकी है। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक का दायित्व देकर संबंधित संस्थाओं का संचालन जारी रखा गया है। अब ब्लॉक प्रमुखों के भी प्रशासक बनने के बाद पंचायत व्यवस्था के तीनों स्तर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अंतरिम रूप से प्रशासकों के माध्यम से संचालित होंगे।
यह अंतरिम व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नए पंचायत चुनाव संपन्न नहीं हो जाते या फिर अधिकतम छह माह की निर्धारित अवधि पूरी नहीं हो जाती। जो भी स्थिति पहले आएगी, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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