पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होने के 7 बड़े संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है, जो मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के स्वास्थ्य, ऊर्जा, यौन स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका स्तर स्वाभाविक रूप से कुछ कम हो सकता है, लेकिन यदि इसकी कमी सामान्य से अधिक हो जाए तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है।

1. लगातार थकान और ऊर्जा की कमी

यदि पर्याप्त आराम करने के बाद भी पूरे दिन थकान महसूस होती है या किसी भी काम में ऊर्जा नहीं रहती, तो यह टेस्टोस्टेरोन के कम स्तर का एक संकेत हो सकता है।

2. मांसपेशियों की ताकत कम होना

नियमित व्यायाम करने के बावजूद मांसपेशियों का कमजोर होना या पहले की तुलना में ताकत कम महसूस होना भी हार्मोन की कमी की ओर इशारा कर सकता है।

3. यौन इच्छा में कमी

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों की यौन इच्छा (लिबिडो) को प्रभावित करता है। यदि लंबे समय तक यौन इच्छा में कमी महसूस हो रही है, तो इसकी जांच कराना उचित रहेगा।

4. मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन

बार-बार चिड़चिड़ापन, उदासी, तनाव या आत्मविश्वास में कमी भी कम टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी हो सकती है। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

5. शरीर में चर्बी बढ़ना

हार्मोन का स्तर कम होने पर कुछ पुरुषों में पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है और वजन नियंत्रित रखना कठिन हो सकता है।

6. हड्डियों की कमजोरी

टेस्टोस्टेरोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी से हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है, जिससे भविष्य में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।

7. ध्यान और याददाश्त में कमी

यदि ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो, छोटी-छोटी बातें भूलने लगें या मानसिक स्पष्टता पहले जैसी न रहे, तो यह भी कम टेस्टोस्टेरोन से जुड़ा एक संभावित संकेत हो सकता है।

कब कराएं जांच?

यदि ऊपर बताए गए कई लक्षण लगातार कई सप्ताह या महीनों से बने हुए हैं, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। चिकित्सक आपकी स्वास्थ्य स्थिति, लक्षण और आवश्यकता होने पर ब्लड टेस्ट के माध्यम से टेस्टोस्टेरोन का स्तर जांच सकते हैं। इसके बाद ही उचित उपचार या जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी जाती है।

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