रात में भी उपलब्ध रहेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर
नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पतालों में रात के समय विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, शिशु रोग तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षित नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में इलाज तुरंत शुरू किया जा सके।
इमरजेंसी सेवाओं को मिलेगा और मजबूती
स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जांच सुविधाओं और जीवनरक्षक उपकरणों को भी बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर मरीजों का उपचार बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू हो सके।
रेफर करने की जरूरत होगी कम
अक्सर रात के समय विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को पटना या अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भेजना पड़ता है। इससे इलाज में देरी होती है और कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिला अस्पतालों में ही प्राथमिक और आवश्यक उपचार मिलने से अनावश्यक रेफरल की संख्या कम होने की उम्मीद है।
इन मरीजों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा सड़क दुर्घटना में घायल लोगों, हार्ट अटैक के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को मिलने की संभावना है। ऐसे मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर इलाज मिलने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर भी घटेगा दबाव
जब जिला अस्पतालों में ही बेहतर इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध होंगी, तो बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा। इससे मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और वहां गंभीर मामलों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा सकेगा।

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