इस मौके पर सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रूपक कुमार और कानूनगो अभिनंदन कुमार की मौजूदगी में कार्य को गति दी गई। सर्वेक्षण के लिए नियुक्त अमीन आशीष कुमार, गजेंद्र कुमार और राजमोहन ने सीमांकन कार्य शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में विश्वास और उम्मीद दोनों जगा है कि वर्षों से लंबित भूमि विवाद और रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं अब सुलझ सकेंगी।
सभी मौजा के लिए नियुक्त हुए अमीन
तरारी प्रखंड की 19 पंचायतों में फैले 115 राजस्व ग्रामों में कुल 1,44,159 खेसरा संख्या दर्ज है। इनमें से लगभग 95,970 आवेदन, ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भूमि सर्वे कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। यह सर्वे विशेष सर्वेक्षण अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 के तहत द्वितीय चरण में किया जा रहा है। सभी मौजों में अमीनों की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि हर क्षेत्र में सटीक और निष्पक्ष सर्वे किया जा सके।
दोनों माध्यमों से हो रहा दस्तावेज़ जमा
भूमि सर्वेक्षण के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, अभी भी कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने जरूरी कागज़ात जमा नहीं किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
भ्रम खत्म, प्रक्रिया में पारदर्शिता
भूमि सर्वे को लेकर क्षेत्र में पहले कई तरह के भ्रम फैले हुए थे — जैसे यह काम कब शुरू होगा, या होगा भी कि नहीं। लेकिन अब जब ETS मशीन से सीमांकन का कार्य शुरू हो गया है, लोगों में इस प्रक्रिया के प्रति भरोसा बढ़ा है। कानूनगो अभिनंदन कुमार ने बताया कि यह कार्य प्रतिदिन जारी रहेगा और इसमें लगे सभी अधिकारी व कर्मचारी पूरी ईमानदारी से अपना दायित्व निभाएंगे। सर्वे के पूरा होने के बाद लोगों को भूमि से संबंधित अधिकृत दस्तावेज़ प्राप्त होंगे, जिससे आने वाले समय में ज़मीन विवादों की संभावना में भारी कमी आएगी।

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