यूपी को नए साल पर बड़ी सौगात, 13 जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकार ने विकास और व्यवसाय के लिए एक नई पहल शुरू की है। राज्य में रेल परिवहन के साथ-साथ सड़क और जल परिवहन को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत राज्य सरकार की लॉजिस्टिक्स नीति का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाना है।

सड़क और रेल से आसान माल ढुलाई

उत्तर प्रदेश सरकार अब प्राइवेट कंपनियों को ट्रेनों के जरिए माल ढुलाई का मौका दे रही है। इससे व्यापारी अपने उत्पाद सस्ते और सुरक्षित तरीके से विभिन्न हिस्सों में भेज सकेंगे। पहले ही जल परिवहन के माध्यम से व्यवसायियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, अब सड़क और रेल नेटवर्क भी इसी लक्ष्य को साकार कर रहे हैं।

13 जिलों में होंगे कार्गो टर्मिनल

इस नीति के तहत अब तक परिवहन विभाग को 3 कंपनियों से 15 स्थानों पर कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें मुरादाबाद, हापुड़ और अन्य 13 जिलों सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सीतापुर, अयोध्या, मेरठ, अलीगढ़, लखनऊ, आगरा, आजमगढ़, वाराणसी और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं। मुरादाबाद में पीतल उत्पादों की विदेशी सप्लाई शुरू हो चुकी है, जबकि हापुड़ का टर्मिनल लगभग तैयार है।

व्यापारियों को सीधा लाभ

कार्गो टर्मिनल बनने के बाद व्यापारियों के लिए माल भेजना आसान और किफायती होगा। इन टर्मिनलों से रेलवे के कोच के माध्यम से भी सामान भेजा जा सकेगा। निवेशक अपनी प्राइवेट ट्रेन चला सकेंगे, जिससे समय की बचत और लागत में कमी होगी।

निवेशकों की भागीदारी

मेसर्स हिन्द टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड ने मुरादाबाद में टर्मिनल के लिए आवेदन किया, जिसे परिवहन विभाग ने मूल्यांकन के बाद लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया। हापुड़ में मेसर्स सुशीला वेंकटेश्वर इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक एलएलपी का टर्मिनल भी तैयार हो रहा है। इसके अलावा मेसर्स अवनि परिधि माइनिंग व मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 13 जिलों में कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के लिए आवेदन किया है।

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