हर नागरिक को मोटी रकम देने का प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि ग्रीनलैंड के प्रत्येक निवासी को एकमुश्त बड़ी राशि दी जाए। यह रकम प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से लेकर 1,00,000 डॉलर तक हो सकती है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 90 लाख रुपये तक बैठती है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और यह साफ नहीं है कि भुगतान किस तरह और किस समय किया जाएगा।
कब्जा नहीं, खरीद का दावा
ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार ट्रंप के लिए नया नहीं है, लेकिन हाल के महीनों में इस पर चर्चा और तेज हो गई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सांसदों से बातचीत में कहा है कि ट्रंप ग्रीनलैंड पर जबरन कब्जा नहीं करना चाहते, बल्कि उसे कानूनी और आपसी सहमति के आधार पर खरीदने के पक्ष में हैं। बावजूद इसके, इस सोच का यूरोप के कई देशों ने खुलकर विरोध किया है।
रणनीतिक रूप से अहम ग्रीनलैंड
यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच स्थित ग्रीनलैंड क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। यह करीब 21 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और फिलहाल डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। यहां की आबादी लगभग 57 हजार है, लेकिन द्वीप प्राकृतिक संसाधनों और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि अमेरिका की दिलचस्पी इसे लेकर लगातार बनी हुई है।
यूरोपीय देशों की सख्त प्रतिक्रिया
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के हालिया बयानों पर यूरोपीय देशों ने नाराजगी जताई है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क ने संयुक्त बयान जारी कर साफ कहा है कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का अधिकार केवल ग्रीनलैंड और डेनमार्क के पास है। किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को उन्होंने अस्वीकार्य बताया है। गौरतलब है कि डेनमार्क और अमेरिका दोनों नाटो के सहयोगी देश हैं।

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