155.70 करोड़ रुपये की मंजूरी
बेसिक शिक्षा विभाग ने इस योजना के लिए 155.70 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर खरीदने के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा मिले, जिससे उनकी सीखने की क्षमता भी बेहतर हो सके।
पहले चरण में 20 जिलों को लाभ
योजना के पहले चरण में प्रदेश के 20 जिलों के 12,365 परिषदीय विद्यालयों को शामिल किया गया है। इन स्कूलों में लगभग 6 लाख 66 हजार बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच लगाए जाएंगे। इससे न सिर्फ बच्चों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी, बल्कि लंबे समय तक फर्श पर बैठने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
इन जिलों को मिला फायदा
पहले चरण में जिन जिलों को चुना गया है, उनमें कुशीनगर, लखनऊ, उन्नाव, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, चंदौली, अयोध्या, अलीगढ़, देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज, सीतापुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, एटा और गाजियाबाद शामिल हैं। इन जिलों के स्कूलों में जल्द ही फर्नीचर पहुंचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जेम पोर्टल से होगी खरीद
फर्नीचर की खरीद सरकारी जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इससे गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। साथ ही समयबद्ध तरीके से स्कूलों तक डेस्क-बेंच पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डेस्क-बेंच पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई में ज्यादा लगेगा और लिखने-पढ़ने में भी सुविधा होगी। यह कदम सरकारी स्कूलों की छवि सुधारने और नामांकन बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकता है।

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