योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य लक्ष्य है किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौध सामग्रियों तक आसान पहुँच देना। इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र का विस्तार करना और उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाकर किसानों की आय में सुधार करना है। बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए कुल 1 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
कितना मिलेगा अनुदान?
किसानों को इस योजना के तहत 50% तक का सब्सिडी लाभ मिलेगा। यानी प्रति हेक्टेयर लागत 20 लाख रुपये होने पर किसानों को 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा: पहली किस्त में 60% यानी 6 लाख रुपये। दूसरी किस्त में शेष 40% यानी 4 लाख रुपये। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
योजना की शर्तें
आवेदनकर्ता बिहार का निवासी होना चाहिए।
नर्सरी के लिए जमीन कम से कम 0.4 हेक्टेयर और अधिकतम 1 हेक्टेयर तक हो।
जमीन सड़क से जुड़ी हो और पानी के लिए ट्यूबवेल/पंपिंग सेट व बिजली कनेक्शन की सुविधा हो।
आवेदनकर्ता के पास जमीन स्वामित्व का प्रमाण पत्र या वैध दस्तावेज होना आवश्यक है।
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।
कैसे करें आवेदन?
आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। इच्छुक किसान बिहार उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ‘छोटी नर्सरी की स्थापना’ लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। आवेदन में मांगी गई जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और जिला स्तर पर जांच के बाद योग्य पाए जाने पर अनुदान जारी किया जाएगा।

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