बिहार में बन रहा 4 लेन सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के लिए एक अहम सड़क परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बन रही 125 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का नाम अब बदल दिया गया है। पहले इसे राष्ट्रीय राजमार्ग 80 (NH-80) कहा जा रहा था, लेकिन अब यह एनएच-33 के नाम से पहचानी जाएगी। यह सड़क कई जिलों के लिए आवागमन और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चार पैकेज में हो रहा है निर्माण

इस फोरलेन सड़क का निर्माण चार अलग-अलग पैकेज में किया जा रहा है। परियोजना की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी और इसे तय समय में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण एजेंसियों और एनएचएआई की धीमी कार्यप्रणाली के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका। अब परियोजना की नई समय-सीमा जून 2026 तय की गई है।

पैकेज-1: मुंगेर से खड़िया पिपरा

पहला पैकेज मुंगेर से खड़िया पिपरा गांव तक लगभग 26 किलोमीटर में फैला है। इस हिस्से की लागत करीब 981 करोड़ रुपये है। अगस्त 2024 तक इसे पूरा किया जाना था, लेकिन फिलहाल लगभग 65 प्रतिशत काम ही हो पाया है। अब इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पैकेज-2: खड़िया से भागलपुर बाइपास

दूसरे पैकेज में खड़िया गांव से भागलपुर बाइपास के पुरानी सराय तक करीब 29 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। इस हिस्से का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पहले मार्च 2024 तक इसे पूरा करने की योजना थी, लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि इसे जल्द ही यातायात के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

पैकेज-3: चौधरीडीह से रसलपुर

तीसरा पैकेज चौधरीडीह से रसलपुर तक 32 किलोमीटर लंबा है। करीब 1012 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस हिस्से का लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। यह पैकेज अप्रैल 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अब इसके भी जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

पैकेज-4: रसलपुर से मिर्जाचौकी

चौथा और अंतिम पैकेज रसलपुर से मिर्जाचौकी तक 36 किलोमीटर में फैला है। इस हिस्से पर करीब 892 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पैकेज-4 का लगभग 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पहले इसे अगस्त 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी नई डेडलाइन जून 2026 तय की गई है।

जून तक चालू होने की उम्मीद

एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनीष कुमार के अनुसार, भागलपुर क्षेत्र में बन रहे करीब 98 किलोमीटर के हिस्से को जून तक चालू करने की तैयारी है। इससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। एनएच-33 बनने से मुंगेर, भागलपुर और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह सड़क व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देगी, साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही भी आसान बनाएगी।

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