8वें वेतन आयोग: लेवल 1 से 18 तक का सैलरी कैलकुलेशन?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर यह है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि नई सैलरी का भुगतान कुछ समय बाद होगा, लेकिन एरियर इसी तारीख से जुड़ेगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछली पूरी रकम एकमुश्त मिलने की संभावना है।

8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी का आधार

नई सैलरी बढ़ोतरी का मुख्य आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। इसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा कर नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में यह लगभग 2.15 रह सकता है। फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से सभी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राशि और प्रतिशत दोनों लेवल पर अलग-अलग होंगे।

अनुमानित सैलरी बढ़ोतरी (फिटमेंट फैक्टर 2.15 मानकर):

लेवल 1: मौजूदा बेसिक ₹18,000 → नई सैलरी करीब ₹38,700; बढ़ोतरी लगभग ₹20,700।

लेवल 5: मौजूदा बेसिक ₹29,200 → नई सैलरी करीब ₹62,780; बढ़ोतरी लगभग ₹33,580।

लेवल 10: मौजूदा बेसिक ₹56,100 → नई सैलरी करीब ₹1,20,615; बढ़ोतरी लगभग ₹64,515।

लेवल 15: मौजूदा बेसिक ₹1,82,200 → नई सैलरी करीब ₹3,91,730; बढ़ोतरी लगभग ₹2,09,530।

लेवल 18: मौजूदा बेसिक ₹2,50,000 → नई सैलरी करीब ₹5,37,500; बढ़ोतरी लगभग ₹2,87,500।

ध्यान दें कि राशि में बढ़ोतरी ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों में बड़ी होती है, क्योंकि उनकी मौजूदा बेसिक सैलरी पहले से अधिक है। वहीं, प्रतिशत के हिसाब से जूनियर कर्मचारियों की सैलरी भी लगभग दोगुनी हो सकती है।

एरियर की स्थिति

चूंकि 8वें वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा, कर्मचारियों और पेंशनर्स को नई सैलरी मिलने में समय लग सकता है। लेकिन एरियर उसी तारीख से जुड़ा रहेगा। इसका मतलब है कि आयोग की सिफारिशें लागू होते ही कर्मचारियों को पिछला पूरा पैसा एकमुश्त मिल सकता है। कई मामलों में यह रकम 1–2 लाख रुपये तक हो सकती है।

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