फिटमेंट फैक्टर से तय होती है सैलरी
फिटमेंट फैक्टर यह तय करता है कि मौजूदा बेसिक पे को कितनी वृद्धि दी जाए। इसका फॉर्मूला सरल है: नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर। इसका मतलब यह है कि जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी उतनी अधिक बढ़ेगी।
8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी का अनुमान
मान लें कि एक केंद्रीय कर्मचारी का Pay Level 3 में बेसिक सैलरी ₹21,700 है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई सैलरी का अनुमान इस प्रकार है:
1.92 फिटमेंट फैक्टर: ₹21,700 × 1.92 = ₹41,664
2.08 फिटमेंट फैक्टर: ₹21,700 × 2.08 = ₹45,136
2.86 फिटमेंट फैक्टर: ₹21,700 × 2.86 = ₹62,062
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक जा सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 8वें वेतन आयोग उनकी सैलरी और जीवन स्तर को सीधे प्रभावित करेगा। हालांकि, फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में वास्तविक वृद्धि कितनी होगी।

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