ई-शिक्षाकोष पोर्टल से सामने आई गड़बड़ियां
यह पूरी कार्रवाई ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर की गई रैंडम डिजिटल मॉनिटरिंग के बाद सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई। पोर्टल के आंकड़ों से पता चला कि कई शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे थे और उपस्थिति से जुड़े नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि कुछ शिक्षक स्कूल समय के काफी बाद लॉगइन कर रहे थे, तो कुछ निर्धारित समय से पहले ही लॉगआउट कर स्कूल छोड़ रहे थे। इसके अलावा बिना विद्यालय में उपस्थित हुए खुद को “मार्क ऑन ड्यूटी” दिखाने और बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर मामले भी उजागर हुए।
प्रधानाध्यापकों की भूमिका पर सवाल
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने इस पूरे मामले में स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में समय अनुशासन का उल्लंघन होने के बावजूद प्रधानाध्यापकों ने न तो शिक्षकों से जवाब तलब किया और न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इससे यह संदेह गहराया है कि कुछ प्रधानाध्यापक लापरवाह शिक्षकों को अनुचित संरक्षण दे रहे हैं।
सख्त चेतावनी और आगे की कार्रवाई
बीईओ ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे दोषी पाए गए शिक्षकों से लिखित और प्रमाण सहित स्पष्टीकरण लेकर शीघ्र विभाग को सौंपें। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि इस आदेश की अवहेलना की गई या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो प्रधानाध्यापकों पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल निगरानी से बढ़ी जवाबदेही
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर डिजिटल माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। ई-शिक्षाकोष जैसे पोर्टल के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

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