डिजिटल नामांतरण प्रक्रिया
अब धारा-34 के अंतर्गत भू-स्वामित्व का नामांतरण पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। खसरा-खतौनी विवरण, मालिकाना हक के प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज एक ही बार ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। डिजिटल डेटा फ्लो के माध्यम से रिकॉर्ड की जांच की जाएगी, जिससे लेखपाल की आख्या और लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता कम हो जाएगी। इस बदलाव से नागरिकों को समय की बड़ी बचत होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बन जाएगी।
लैंड यूज चेंज भी होगा आसान
धारा-80 के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की प्रक्रिया भी डिजिटल रूप में संचालित होगी। अब कृषि भूमि को गैर-कृषि या औद्योगिक उपयोग में बदलने के लिए आवेदन, जांच और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इससे बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत समाप्त होगी और आवेदन तेज़ी से निपटेंगे।
नोटिस और प्रमाणपत्र की डिजिटल सुविधा
सरकार ने सभी नोटिस भेजने की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया है। अब नोटिस पोर्टल, एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे। नामांतरण प्रमाणपत्र और लैंड यूज़ चेंज सर्टिफिकेट भी कुछ ही दिनों में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
निवेश और ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस डिजिटल पहल से न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। जमीन से जुड़े कामकाज में तेजी, सरलता और पारदर्शिता आने से राज्य की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में फायदा होगा।
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