स्कूल की खासियत इसकी AI और रोबोटिक तकनीक है। चीन से मंगाए गए दो उच्च तकनीकी रोबोट बच्चों को पढ़ाने में शिक्षकों की मदद करेंगे। बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही AI, लॉजिकल थिंकिंग और इनोवेटिव स्किल्स सिखाई जाएंगी, जिससे उनका बौद्धिक विकास मजबूत होगा।
स्कूल में देश भर से अनुभवी शिक्षक बच्चों को न केवल अकादमिक ज्ञान देंगे, बल्कि उनकी सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देंगे। एडमिनिस्ट्रेशन हेड सैमुअल ने बताया कि दाखिले से पहले बच्चों का एक छोटा असेसमेंट टेस्ट लिया जाता है, ताकि उनकी समझ और क्षमता का सही आकलन किया जा सके।
तकनीक की मदद से अभिभावकों की सुविधा और बच्चों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। जैसे ही बच्चा स्कूल में प्रवेश करता है या बाहर निकलता है, अभिभावकों के मोबाइल पर नोटिफिकेशन भेजा जाता है। स्कूल की पढ़ाई इतनी उन्नत है कि भविष्य में बच्चों को किसी अतिरिक्त कोचिंग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
आपको बता दें की इस पहल से न केवल सहरसा, बल्कि पूरे कोशी सीमांचल में शिक्षा के स्तर को नई दिशा मिलेगी। बस की सुविधा और नियमित पेरेंट्स मीटिंग जैसी व्यवस्थाओं से स्कूल ने बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए सुविधाजनक माहौल तैयार किया है।

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