इस अभियान के दौरान राज्य के सभी जिलों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में कृषि विभाग के साथ-साथ राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे। किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान अपने कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक या हल्का कर्मचारी से भी मदद ले सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री क्या है?
Farmer Registry एक डिजिटल डेटाबेस है जिसमें किसान की पहचान, भूमि की जानकारी, फसलों का विवरण और संपर्क विवरण दर्ज किया जाता है। यह जानकारी राज्य के कृषि विभाग के पोर्टल पर सुरक्षित रहती है। रजिस्ट्री कराने के बाद किसान को बार-बार अलग-अलग योजनाओं के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। फार्मर रजिस्ट्री के जरिए योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचता है।
फार्मर रजिस्ट्री कराने के फायदे
फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद किसान को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ सीधे मिलता है, जैसे:
पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की किस्त
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बिक्री
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
आपदा राहत सहायता
एग्री लोन

0 comments:
Post a Comment