आपको बता दें की अब तक यह सुविधा केवल राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों तक सीमित थी, लेकिन सरकार के नए निर्णय के बाद अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित विद्यालयों के छात्र भी इस डिजिटल शिक्षण कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।
STEM शिक्षा को मिलेगी मजबूती
यह कार्यक्रम STEM शिक्षा (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य छात्रों की अवधारणात्मक समझ को बढ़ाना और गणित व विज्ञान जैसे विषयों को सरल और रोचक बनाना है। इसके साथ ही शिक्षकों को भी आधुनिक शिक्षण तकनीकों, अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधनों और नवाचारों से जोड़ा जाएगा, जिससे कक्षा में पढ़ाई अधिक प्रभावी हो सके।
हिंदी में उपलब्ध होगी फ्री सामग्री
खान अकादमी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार हिंदी भाषा में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। छात्र यहां वीडियो लेक्चर देख सकते हैं, अभ्यास प्रश्न हल कर सकते हैं, स्वयं का मूल्यांकन कर सकते हैं और क्विज व यूनिट टेस्ट के माध्यम से अपनी तैयारी को परख सकते हैं। यह सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क होंगी।
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलीय शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों को डिजिटल माध्यम से बेहतर शिक्षा मिलेगी और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
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