भारत का सोना भंडार बढ़ा, विदेशी मुद्रा भंडार भी बूम

नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा और सोने का भंडार लगातार बढ़ रहा है, जिससे देश की वित्तीय स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताज़ा साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 3.29 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। यह लगातार चौथे हफ्ते भंडार में बढ़ोतरी है, जिससे अब कुल विदेशी मुद्रा भंडार 696.61 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।

विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में उछाल

विदेशी मुद्रा भंडार में मुख्य हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट (FCA) का होता है। इसी दौरान FCA में भी वृद्धि हुई और यह 559.61 अरब डॉलर तक पहुँच गया। आलोच्य सप्ताह में FCA में 184 मिलियन डॉलर का इजाफा दर्ज किया गया। FCA में डॉलर के अलावा यूरो, पौंड और येन जैसी प्रमुख मुद्राओं का योगदान भी शामिल होता है।

सोने के भंडार में मजबूती

भारत के सोने के रिजर्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। पिछले सप्ताह सोने के भंडार का मूल्य 2.956 अरब डॉलर बढ़ा, जिससे कुल सोना भंडार 113.32 अरब डॉलर हो गया। वर्तमान में RBI के पास 880 टन से अधिक सोना मौजूद है, जो देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 15 प्रतिशत बनता है।

SDR और IMF भंडार में हल्की बढ़ोतरी

सातत्य के साथ, स्पेशल ड्रॉइंग राइट (SDR) में सप्ताह के दौरान 60 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और कुल SDR अब 18.803 अरब डॉलर हो गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में रखे गए भारत के भंडार में 93 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ, जिससे कुल भंडार 4.875 अरब डॉलर हो गया।

क्या है इसके आर्थिक संकेत?

विदेशी मुद्रा और सोने के भंडार में लगातार वृद्धि से रुपये की स्थिरता और भारत की वैश्विक वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा और देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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