आपको बता दें की यह योजना मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने कार्य पर ध्यान दे सकें।
पांच प्रमुख जिलों में होगी शुरुआत
सरकार ने इस योजना के पहले चरण में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर, इन पांच बड़े शहरों का चयन किया है। इन सभी स्थानों पर बनने वाले कामकाजी महिला छात्रावासों का संचालन महिला विकास निगम द्वारा किया जाएगा। छात्रावासों को “अपना घर” की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां रहने वाली महिलाओं को घर जैसा सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिल सके।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ
यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो: दूसरे जिलों या राज्यों से बिहार आकर नौकरी कर रही हैं, सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, अकेले रहकर काम कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, छात्रावास में रहने के लिए महिला की अधिकतम मासिक आय 75,000 रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक छात्रावास में 50 बेड की व्यवस्था होगी।
न्यूनतम खर्च में आधुनिक सुविधाएं
छात्रावास में रहने के लिए किसी भी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। केवल भोजन शुल्क के रूप में 3000 रुपये प्रतिमाह तय किए गए हैं। इसके बदले महिलाओं को कई आधुनिक और आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें शामिल हैं बेड, टेबल और कुर्सी। 24 घंटे बिजली और शुद्ध पेयजल (आरओ सिस्टम), मुफ्त वाई-फाई और टीवी, नियमित साफ-सफाई, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी महिला बिना भय और असहजता के यहां रह सके।
ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया
छात्रावास में रहने के लिए इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया अगले माह से शुरू होगी। आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए अंतिम चयन होगा। आवेदन के समय कार्यरत होने का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, स्थानीय अभिभावक का विवरण और दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) देना अनिवार्य होगा।

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