चीन-ताइवान टकराव तेज, अमेरिका ने दी चेतावनी

न्यूज डेस्क। ताइवान के चारों ओर चीन द्वारा किए गए बड़े सैन्य अभ्यासों के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस घटनाक्रम पर अमेरिका और चीन के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। अमेरिका ने चीन की सैन्य गतिविधियों को क्षेत्र में “अनावश्यक और उकसाने वाला” बताते हुए चिंता जताई है, वहीं ताइवान ने भी अपनी सैन्य तैयारियों का खुला संकेत देकर स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।

चीन के सैन्य अभ्यास से बढ़ी चिंता

चीन ने इस सप्ताह ताइवान के पास दो बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास किए, जिनमें मिसाइल लॉन्च, फाइटर जेट, नौसैनिक जहाज और कोस्टगार्ड की तैनाती शामिल रही। चीन ने दावा किया कि ये अभ्यास ताइवान के मुख्य द्वीप की घेराबंदी और प्रमुख बंदरगाहों को अवरुद्ध करने की रणनीति का हिस्सा हैं। ताइवान सरकार ने इन अभ्यासों को गंभीर उकसावे वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की शांति खतरे में पड़ सकती है।

ताइवान ने दिखाई सैन्य ताकत

तनाव के बीच ताइवान ने भी चुप रहने के बजाय अपनी रक्षा क्षमता का संकेत दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसका F-16V लड़ाकू विमान चीनी PLA वायुसेना के J-16 फाइटर जेट को ट्रैक करता नजर आ रहा है। यह ट्रैकिंग अत्याधुनिक तकनीक के जरिए की गई, जिससे बिना किसी चेतावनी के लक्ष्य पर नजर रखी जा सकती है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह ताइवान की रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है।

अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि चीन की सैन्य ड्रिल और आक्रामक बयानबाजी ताइवान जलडमरूमध्य में हालात को अस्थिर कर रही है। उन्होंने चीन से सैन्य दबाव बंद करने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की। अमेरिका ने दोहराया कि वह ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है और यथास्थिति को बलपूर्वक बदलने का विरोध करता है।

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