तय समय से पहले पहुंचना होगा अनिवार्य
बिहार बोर्ड के अनुसार, इंटर की वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होगी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगी। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम-से-कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा कक्ष का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जबरन प्रवेश पड़ा भारी
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई परीक्षार्थी देर से पहुंचकर गेट पर हंगामा करता है, बाउंड्री फांदकर या किसी अन्य अवैध तरीके से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो इसे क्रिमिनल ट्रेसपास माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह नियम इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं में समान रूप से लागू होगा।
केंद्राधीक्षक भी नहीं बचेंगे
बिहार बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई केंद्राधीक्षक या परीक्षा से जुड़ा कर्मचारी नियमों को नजरअंदाज कर परीक्षार्थियों को जबरन प्रवेश देता है या परीक्षा में बैठने की अनुमति देता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों पर निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्ती
समिति ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। किसी भी तरह की ढील या नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि इन सख्त कदमों से परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जा सकेगा।

0 comments:
Post a Comment