एक ऐप, कई सुविधाएं
यूपी कॉप ऐप के जरिए नागरिक घर बैठे ही पुलिस से जुड़ी 27 अलग-अलग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसमें एफआईआर से जुड़ी जानकारी, चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायक और कर्मचारियों का सत्यापन जैसी जरूरी सेवाएं शामिल हैं। यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर पा रहे हैं।
समय में बड़ी कटौती
डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से सेवाओं के निस्तारण में लगने वाला समय भी काफी कम हो गया है। चरित्र सत्यापन अब लगभग छह दिनों में पूरा हो रहा है, जबकि पहले इसमें आठ दिन लगते थे। किरायेदार सत्यापन का समय घटकर करीब आठ दिन रह गया है, जो पहले तीन से चार हफ्ते तक चला करता था। इसी तरह कर्मचारी सत्यापन भी अब पांच दिन में पूरा हो रहा है, जबकि पहले इसके लिए लगभग दो हफ्ते का इंतजार करना पड़ता था।
बढ़ता भरोसा, बढ़ती पहुंच
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के अनुसार, अब तक 50 लाख से अधिक लोग यूपी कॉप ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म से 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर की कॉपियां डाउनलोड की जा चुकी हैं। इसके अलावा 7.3 लाख से अधिक लोगों ने खोए हुए सामान की रिपोर्ट भी इसी ऐप के जरिए दर्ज कराई है, जिससे लोगों को त्वरित समाधान मिलने लगा है।
रियल-टाइम अपडेट और सुरक्षा सुविधाएं
इस ऐप की खासियत यह है कि आवेदन की स्थिति की जानकारी तुरंत मिल जाती है। साथ ही लोकेशन ट्रैकिंग, इमरजेंसी के लिए एसओएस बटन और नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं। आपात स्थिति में यह ऐप लोगों के लिए तुरंत मदद का माध्यम बन रहा है।
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