स्क्रैमजेट तकनीक में बड़ी सफलता
रक्षा मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, डीआरडीएल ने अपने अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (SCPT) केंद्र में यह महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि स्क्रैमजेट इंजन ही ऐसी मिसाइलों की रीढ़ होता है। इस तकनीक के जरिए मिसाइल लंबे समय तक अत्यधिक तेज़ गति से उड़ान भर सकती है।
रक्षा मंत्री ने जताया गर्व
इस बड़ी उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, वैज्ञानिकों और उद्योग साझेदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक मजबूत नींव साबित होगी। उनके मुताबिक, यह उपलब्धि देश की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करती है।
ध्वनि से कई गुना तेज़ रफ्तार
हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। यह मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से भी अधिक, यानी लगभग 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम होती है। इसमें इस्तेमाल होने वाला स्क्रैमजेट इंजन सुपरसोनिक दहन तकनीक पर आधारित है, जो लंबी अवधि तक उड़ान बनाए रखने में मदद करता है।
हाइपरसोनिक कार्यक्रम की मजबूत नींव
डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए इससे जुड़े सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत को वैश्विक स्तर पर उन्नत एयरोस्पेस तकनीक में अग्रणी देशों की कतार में खड़ा करती है।

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