यूपी में एक बड़ा फैसला, बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले बल्ले

लखनऊ। नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम्स) उपभोक्ताओं से विभिन्न मदों में अधिक वसूली गई करीब 102 करोड़ रुपये की राशि लौटाने जा रही हैं। यह फैसला उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के सख्त रुख के बाद लिया गया है, जिसने जांच में बिजली कंपनियों की अनियमितताओं को उजागर किया।

जांच में सामने आई अधिक वसूली

UPERC की जांच में पाया गया कि डिस्कॉम्स ने नए बिजली कनेक्शन, स्मार्ट मीटर शुल्क, अतिरिक्त सुरक्षा जमा और अन्य शुल्कों के नाम पर तय दरों से अधिक रकम वसूली थी। आयोग ने इसे नियमों का उल्लंघन और गंभीर लापरवाही मानते हुए पूरी अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं को वापस करने का निर्देश दिया। इसके बाद बिजली कंपनियों को रिफंड की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।

लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ

इस फैसले से प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। खासतौर पर आम घरेलू उपभोक्ता, जो लंबे समय से बढ़ते बिजली बिलों और अतिरिक्त चार्ज से परेशान थे, उन्हें इससे सीधा फायदा होगा। उपभोक्ता संगठनों ने भी इस कदम को उपभोक्ता हितों की दिशा में अहम बताया है।

आसान रखी गई रिफंड प्रक्रिया

रिफंड की प्रक्रिया को उपभोक्ताओं के लिए सरल बनाया गया है। अतिरिक्त वसूली गई रकम नकद नहीं दी जाएगी, बल्कि आने वाले बिजली बिलों में समायोजन के रूप में वापस की जाएगी। इससे अगले कुछ महीनों तक उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम आएंगे और मासिक खर्च का बोझ घटेगा। डिस्कॉम्स ने जनवरी 2026 से ही इस प्रक्रिया को लागू करना शुरू कर दिया है।

पहले से मिल रही राहतों को और मजबूती

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हाल ही में स्मार्ट मीटर की दरों में कटौती भी की गई थी, जिससे कई उपभोक्ताओं को पहले ही राहत मिल चुकी है। 102 करोड़ रुपये का यह रिफंड अलग-अलग प्रकार की अधिक वसूली को कवर करता है, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा नियामक व्यवस्था पर और मजबूत होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि UPERC का यह निर्णय बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा। इससे बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखने का दबाव बनेगा और भविष्य में मनमानी वसूली पर रोक लगेगी।

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