भारत-इजरायल के बीच बड़ी डील की तैयारी, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जनवरी में दोनों देशों की प्रतिनिधि टीमें इस पर विस्तृत चर्चा करने के लिए मुलाकात करेंगी।

समझौते की पृष्ठभूमि

पिछले साल नवंबर में भारत और इजरायल ने इस मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत की शुरुआत के लिए औपचारिक रूप से ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश को आकर्षित करना और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देना है। जनवरी में होने वाली बैठक में FTA की संरचना और प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।

वर्तमान व्यापार पर नजर

वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन-देन में कमी देखी गई है। 2024-25 में भारत से इजरायल का निर्यात 52% घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया, जबकि 2023-24 में यह 4.52 अरब डॉलर था। इसी अवधि में इजरायल से भारत का आयात 26.2% गिरकर 1.48 अरब डॉलर हो गया। कुल मिलाकर द्विपक्षीय व्यापार 3.62 अरब डॉलर तक सीमित रहा। इसके बावजूद, भारत एशिया में इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।

प्रमुख निर्यात और आयात

दोनों देशों के बीच व्यापार मुख्य रूप से हीरे, पेट्रोलियम उत्पाद और रसायनों पर आधारित है। हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी, हाई-टेक उपकरण, संचार प्रणाली और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों की लेन-देन बढ़ा है।

FTA से संभावित लाभ

मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से:

दोनों देशों के बीच कस्टम ड्यूटी कम हो सकती है।

निवेश और रोजगार के अवसर भी दोनों देशों में बढ़ सकते हैं।

निर्यातकों और आयातकों को व्यापार में सुविधा और गति मिलेगी।

हाई-टेक और उन्नत तकनीक वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है।

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