1983 से 2025 तक के रिकॉर्ड अब डिजिटल
परीक्षा समिति ने वर्ष 1983 से 2025 तक के मैट्रिक और इंटर के सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित कर लिए हैं। इससे न केवल दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि छात्रों और प्रशासन दोनों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।
ERP सिस्टम से तेज और कुशल कामकाज
बोर्ड ने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे अकादमिक, लेखा-वित्त, मानव संसाधन, शिकायत निवारण और सामग्री प्रबंधन जैसे सभी कार्य अब कंप्यूटरीकृत हो गए हैं। बिहार बोर्ड की तकनीकी और डिजिटल पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी मिल गई है।
प्री और पोस्ट एग्जाम प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल
अब छात्रों के लिए पंजीयन, परीक्षा फार्म, ई-एडमिट कार्ड और शुल्क संग्रह जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो गई हैं। परीक्षा के बाद रिजल्ट प्रोसेसिंग भी पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित है। 2018 से लागू ओएफएसएस प्रणाली के माध्यम से अब तक 96 लाख से अधिक छात्रों ने 11वीं कक्षा में ऑनलाइन नामांकन कराया है।

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