दो लाख से ज्यादा कैश पर देना होगा पूरा ब्योरा
आयकर विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान अगर दो लाख रुपये से अधिक की नकद राशि का लेनदेन होता है, तो उसकी विस्तृत जानकारी अनिवार्य रूप से विभाग को दी जाए। यह नोटिस पटना जिले के दानापुर, पटना सदर, फुलवारीशरीफ, विक्रम, पटना सिटी, बिहटा समेत कई इलाकों के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को भेजा गया है।
उत्तर बिहार में नकद रजिस्ट्री बना बड़ी समस्या
विभाग की जांच में सामने आया है कि उत्तर बिहार के कई जिलों में जमीन रजिस्ट्री के समय कैश लेनदेन आम बात बन चुकी है। अनुमान है कि वहां करीब 95 प्रतिशत रजिस्ट्रियां नकद भुगतान के जरिए हो रही हैं। यह स्थिति न सिर्फ कालेधन को बढ़ावा देती है, बल्कि आयकर कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन मानी जा रही है।
पैन कार्ड और फॉर्म-60 की अनदेखी
जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ है कि कई मामलों में पैन कार्ड या फॉर्म-60 से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। नियमों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के पास पैन कार्ड नहीं है तो उसे फॉर्म-60 भरना जरूरी होता है, लेकिन कई रजिस्ट्रियां बिना इन दस्तावेजों के ही पूरी कर दी गईं।
गलत पैन नंबर का भी चल रहा खेल
आयकर विभाग को यह भी पता चला है कि कुछ लोग जानबूझकर गलत पैन नंबर दर्ज कर जमीन का निबंधन करा रहे हैं, ताकि लेनदेन विभाग की निगरानी से बच सके। इसे गंभीर वित्तीय गड़बड़ी मानते हुए विभाग ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
57 सब-रजिस्ट्रार से मांगा गया जवाब
इन तमाम अनियमितताओं को देखते हुए मुजफ्फरपुर, पारू, कटरा, कांटी, मोतीपुर सहित 11 जिलों के 57 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आयकर विभाग ने संकेत दिया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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