कागज रहित और तेज प्रक्रिया
केंद्रीय उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करते हुए बताया कि यह प्रणाली पारंपरिक कागज आधारित लेनदेन से हटकर पूरी तरह डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब सब्सिडी का भुगतान और निगरानी ऑनलाइन होगी, जिससे प्रक्रिया तेज और प्रभावी बन जाएगी।
उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा के अनुसार, यह पहल उर्वरक विभाग की IFMS (Integrated Financial Management System) और वित्त मंत्रालय की PFMS (Public Financial Management System) के बीच तकनीकी साझेदारी पर आधारित है। इससे सभी भुगतानों पर वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी और वित्तीय नियंत्रण मजबूत होगा।
न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी और बजट
सरकार ने रबी सीजन 2025-26 (1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026) के लिए फॉस्फेटिक और पोटैसिक (P&K) उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) दरों को मंजूरी दी है। इस फैसले से किसानों को सब्सिडी पर उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा। रबी सीजन के लिए सब्सिडी का कुल बजटीय प्रावधान लगभग ₹37,952.29 करोड़ रखा गया है, जो खरीफ 2025 के मुकाबले लगभग ₹736 करोड़ अधिक है।
दरअसल, केंद्र सरकार का यह कदम किसानों के हित में एक बड़ा सुधार है। डिजिटल ई-बिल प्रणाली के माध्यम से सब्सिडी का वितरण तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगा। इससे न केवल किसानों को सही समय पर उर्वरक मिलेगा, बल्कि सरकारी खर्चों और वित्तीय नियंत्रण में भी सुधार आएगा।

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