बिहार में पंच, सरपंच के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिए आदेश

पटना। बिहार के ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंचायत के पंच और सरपंच विधान परिषद (एमएलसी) के चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही कंफ्यूजन को दूर करता है और पंचायत प्रतिनिधियों को संवैधानिक अधिकार देता है।

केंद्र के पंचायती राज मंत्रालय ने हाल ही में एक पत्र जारी कर बताया कि संविधान के अनुच्छेद 171 (3)(A) और जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के अनुसार, ग्राम पंचायतें स्थानीय निकाय की श्रेणी में आती हैं। इसलिए निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को एमएलसी चुनाव में वोट डालने का अधिकार है।

नए कानून की आवश्यकता नहीं

पंच सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आमोद कुमार निराला ने बताया कि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पंचायत प्रतिनिधियों को वोटिंग अधिकार देने के लिए किसी नए कानून या संशोधन की आवश्यकता नहीं है। यह अधिकार पहले से ही संवैधानिक और कानूनी रूप से मान्य है।

हालांकि, वर्तमान में एमएलसी मतदाता सूची में पंच और सरपंचों के नाम शामिल नहीं हैं। इस पर पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी आवाज उठाई है। संघ ने राज्य सरकार और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर यह मांग की है कि पंच और सरपंचों के नाम तुरंत मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।

पंचायत प्रतिनिधियों ने जताई संतुष्टि

पंचायती राज संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का समर्थन किया है। उनका कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों को मतदान का अधिकार मिलने से न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि पंचायत स्तर पर राजनीतिक सहभागिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

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